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अनजान सा शख्स

अनजान सा शख्स

टटोलता अनजान सी राहें

आज पहुँच गया मेरे दर-दरवाजे पर

मंज़िल का पता पूछता है

मैंने भी दे दिया

अपने बेटे का रोल नंबर

ढूंढ लो साथ मिल कर

उसे भी तो पानी है मंज़िल

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