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भारत भूषण – एक संस्मरण

पकोड़ों की महफ़िल के पीछे कई किस्से गुमनाम से पड़े उभर आये। किसी शख्स की शख्शियत आपके उसके प्रति बर्ताव की कहानी भी बयान करती है। कुछ हो न हो, भला ही रहा। जो समय बेहतर गुज़ार लिया, सर्वश्रेष्ठ था। एक सेवानिवृत व्यक्ति की छवि …

कृतघ्न

मम्मी के बगल वाले बिस्तर पर आंटी जी टाइफाइड से पीड़ित थीं।  तीमारदार अंकल जी रात भर वहीँ ठहरते, सुबह घर जाते। दस बजे तक वापिस आ जाते। दोपहर में घर जाते, वापिस अस्पताल आते। शाम को फिर निकलते और रात फूटते ही खाने का …